बिहार में जंगलराज, जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो जनता का क्या हस्र होगा ?

बिहार में जंगलराज, जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो जनता का क्या हस्र होगा ? (when the police is not safe then what will be the fate of the public)

बिहार।पटना।मोकामा।बिहार में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि वह पुलिस पर भी हमला करने से गुरेज नहीं करते।पिछले दो महीने में नवादा, पटना, मुंगेर, सहरसा, सारण, जहानाबाद, किशनगंज आदि जिलों में 20 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसमें अपराधियों व बालू-दारू तथा भू-माफिया द्वारा न केवल पुलिस बल पर हमले किए गए, बल्कि उन्हें खदेड़-खदेड़ कर पीटा भी गया। बेगूसराय में शराब तस्करों द्वारा नावकोठी के दारोगा खामस चौधरी की हत्या व एक होमगार्ड जवान को गाड़ी से टक्कर मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। (when the police is not safe then what will be the fate of the public)

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when the police is not safe then what will be the fate of the public
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आपराधिक दुस्साहस में इस चिंताजनक वृद्धि ने बिहार में पुलिस को बिगड़ती सुरक्षा स्थिति से जूझने पर मजबूर कर दिया है(This worrying rise in criminal audacity has forced the police to grapple with the deteriorating security situation in Bihar)

आपराधिक दुस्साहस में इस चिंताजनक वृद्धि ने बिहार में पुलिस को बिगड़ती सुरक्षा स्थिति से जूझने पर मजबूर कर दिया है।ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों का मनोबल अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है, जिससे उन्हें कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारीयों का खुलेआम सामना करने और उन पर हमला करने का साहस मिल रहा है। ये घटनाएं न केवल अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को उजागर करती हैं बल्कि पुलिस बल के भीतर की कमजोरियों को भी उजागर करती हैं। (when the police is not safe then what will be the fate of the public)

नवादा, पटना, मुंगेर, सहरसा, सारण, जहानाबाद, किशनगंज और अन्य जिले ऐसे हमलों के लिए हॉटस्पॉट बन गए हैं(Nawada, Patna, Munger, Saharsa, Saran, Jehanabad, Kishanganj and other districts have become hotspots for such attacks.)

नवादा, पटना, मुंगेर, सहरसा, सारण, जहानाबाद, किशनगंज और अन्य जिले ऐसे हमलों के लिए हॉटस्पॉट बन गए हैं। अपराधी और भू-माफिया न सिर्फ पुलिस अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि हिंसक तरीके से दौड़ा-दौड़ा कर मार-पीट भी कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह पुलिस व्यवस्था को कमजोर करती है और नागरिकों की सुरक्षा करने की उनकी क्षमता में जनता के विश्वास को कमजोर करती है। (when the police is not safe then what will be the fate of the public)

दारोगा खामस चौधरी की हत्या व एक होमगार्ड जवान को गाड़ी से टक्कर मारकर बुरी तरह घायल करने की घटना से जनता में डर का माहौल है(There is an atmosphere of fear among the public due to the murder of Inspector Khamas Chaudhary and the incident of seriously injuring a Home Guard jawan by hitting him with a vehicle.)

बेगूसराय में शराब माफियाओं द्वारा दारोगा खामस चौधरी की हत्या व एक होमगार्ड जवान को गाड़ी से टक्कर मारकर बुरी तरह घायल करने की घटना से जनता में डर का माहौल है।जंहा पुलिस ही सुरक्षित नहीं, वहां की जनता का भगवान भरोसे है। इससे पहले भी जमुई में एसआइ प्रभात रंजन को ट्रैक्टर से रौंद कर उनकी जान ले ली गई थी। वहीं, पुलिस के एक जवान को बेरहमी से कुचल दिया गया था।छह माह पहले बेगूसराय में ही एक अन्य दारोगा की हत्या शराब माफिया ने कर दी थी। (when the police is not safe then what will be the fate of the public)

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